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88 लाख के राजस्व के चोरी मामले में निबंधन कर्मी समेत आठ पर एफआइआर ..

वहीं मामले में निबंधन कार्यालय के एक निम्न वर्गीय लिपिक अमित कुमार की संलिप्तता पाई गई है. डीएसआर के मुताबिक अमित ने गलत प्रतिवेदन बना कर मामले में राजस्व चोरी करने में साथ दिया है.
 
- भूमि की किस्म को गलत बता कर निबंधन कराने का है मामला
- ब्रह्मपुर थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी.

बक्सर टॉप न्यूज़. बक्सर: भूमि निबंधन के दौरान लाखों रुपए की राजस्व चोरी के दो मामले सामने आए हैं, जिसके बाद अवर निबंधक डॉ. यशपाल के द्वारा जमीन विक्रेता के साथ-साथ पूर्व तथा वर्तमान कबालेदारों एवं गवाहों के साथ साथ निबंधन कार्यालय के एक कर्मी के विरुद्ध ब्रह्मपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गयी है.

इस संदर्भ में अपने आवेदन में डीएसआर ने बताया है कि, ब्रह्मपुर के रहने वाले जमीन विक्रेता शशि रंजन सिंह के द्वारा इसी वर्ष 26 जून को दो जमीनों की रजिस्ट्री करवाई गई थी. जिसमें एक जमीन जिसका रकबा 16.5 डिसमिल है तथा दूसरी जमीन जिसका रकबा 12.5 डिसमिल है. निबंधन के दौरान भूमि की किस्म गलत बताई गई थी. जमीन को सिंचित बताकर उसकी सरकारी कीमत 3 लाख 32 हजार रुपये के हिसाब से निबंधन कराया गया था. जिसके कारण 88 लाख 18 हजार रुपये के राजस्व की क्षति हुई है. उन्होंने जमीन विक्रेता के साथ-साथ बेचने वाले तथा खरीदने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. वहीं मामले में निबंधन कार्यालय के एक निम्न वर्गीय लिपिक अमित कुमार की संलिप्तता पाई गई है. डीएसआर के मुताबिक अमित ने गलत प्रतिवेदन बना कर मामले में राजस्व चोरी करने में साथ दिया है.

मामले में जमीन के क्रेता-विक्रेताओं में ब्रम्हपुर के धीरज ओझा, छविनन्दन पाण्डेय, राजकिशोर यादव, बिजेश यादव, तथा डुमराँव थाना क्षेत्र के नंदन गाँव निवासी तथा निबंधन में गवाह प्रिंस चौबे, ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के निमेज के शंकर यादव तथा निबंधन कार्यालय कर्मी अमित कुमार को आरोपित बनाया गया है.

थानाध्यक्ष रंजीत कुमार सिन्हा द्वारा मामले की पुष्टि करते हुए बताया गया है कि, मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी.













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