"बाबा" और "बाबू" की वजह से पिछड़ा है बक्सर - अनिल कुमार
कहा कि चाहे दुर्गावती हो या बक्सर पूरे लोकसभा में आज एक भी महिला कॉलेज नहीं है. बक्सर की बेटियां पढ़ने के लिए कहाँ जाएं? क्या यहां की बेटियां किसी तरह सिर्फ इंटर तक कि शिक्षा प्राप्त करें?
- अनिल कुमार ने सघन जनसंपर्क पर जनता से मांगा समर्थन कहा.
- विकास के पैमाने से काफी दूर है बक्सर .
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: जनतांत्रिक विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार ने आज बक्सर लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत बक्सर जिले के राजपुर प्रखंड अंतर्गत सनग्रांव ,नागपुर ,अकबरपुर एवं मटकिपुर पंचायत में सघन जनसपंर्क अभियान चलाया और जनता से समर्थन मांगा. इस दौरान उन्होंने कई सभा को संबोधित किया और कहा कि बक्सर का विकास हेलीकॉप्टर वाले नेता नहीं कर सकते हैं। यह साबित हो चुका है. ऐसे नेता सिर्फ समाज को लूटने का काम करते हैं, न कि जनता के बारे में सोचते हैं.
अनिल कुमार ने कहा कि आज हमलोग गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए मोहताज है. युवाओं की बेरोजगारी चरम पर है. महिलाओं पर अत्याचार और बक्सर में क्राइम चरम पर है. किसानों को अनदेखी भी खूब हो रही है। नहरों में पानी नहीं है. उन्होंने कहा कि आज बक्सर का यह बड़ा प्रखंड विकास के हर पैमाने में पिछड़ा जिला बन कर रह गया है. इसलिए अब आप सभी जनता को जागरूक होकर इस बार लोकसभा चुनाव में ऐसे प्रतिनिधि को चुनना चाहिए जो स्थानीय हो. क्षेत्र और यहां की जनता की समस्या को समझता हो.
अनिल कुमार ने कहा कि बाबू और बाबा ने बक्सर लोकसभा के लोगों को शिक्षा से दूर रखा है. इस कारण से यह क्षेत्र शिक्षा के मामले में अत्यंत पिछड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि आम जनता के बेटे-बेटीयों के लिए शिक्षा आज एक बड़ी चीज बन गई है. शिक्षा की एक ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें नेता से लेकर आईएस तथा किसान के बच्चे एक ही स्कूल में पढ़े. वहीं, यहां ऐसे अस्पताल की स्थापना हो, जहां सभी तरह का इलाज संभव हो सके. यहां के लोग अपने इलाज के लिए बक्सर ही नहीं बल्कि बिहार के बाहर जाने को मजबूर हैं. उनके लिए बक्सर में उचित दवाइयां भी नहीं उपलब्ध हैं.
उन्होंने कहा कि चाहे दुर्गावती हो या बक्सर पूरे लोकसभा में आज एक भी महिला कॉलेज नहीं है. बक्सर की बेटियां पढ़ने के लिए कहाँ जाएं? क्या यहां की बेटियां किसी तरह सिर्फ इंटर तक कि शिक्षा प्राप्त करें? उनके किए उच्च शिक्षा की बात महज दिवास्वप्न बनकर रह गई है. ऐसे में बेटी पढ़ाने की बात कहां सार्थक रह गई हैं? वर्तमान सांसद बताएं कि वे किस तरह की महिला सशक्तिकरण सुनिश्चित करना चाहते हैं? उन्होंने बेटियों को उचित शिक्षा से दूर रखकर हमारी बेटियों के साथ अन्याय किया है. वर्तमान सांसद ने तो स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए भी क्षेत्र में बेटियों और महिलाओं के लिए उचित स्वास्थ्य व्यवस्था भी सुनिश्चित नहीं करवा पाए. महिला सशक्तिकरण का ढोंग करने वाले सांसद बताएं कि क्षेत्र की महिलाएं अपने स्वास्थ्य संबधी समस्याओं के लिए कहाँ जाएं? स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए उन्होंने क्षेत्र की महिलाओं के लिए कोई काम नहीं किया.
इस दौरान तकनीकी प्रदेश अध्यक्ष ई. रवि प्रकाश , कमलेश राम ,जनार्दन पांडेय ,बीडीसी संग्राओं दयाशंकर पासवान समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे.















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