पीएचसी के निजी वाहनों का भुगतान नहीं, माँगा नज़राना, सीएस ने कहा- होगी कारवाई ..
बताया कि राष्ट्रीय बाल सुरक्षा योजना व बीपीएमयू के तहत स्वास्थ्य केंद्र में दो वाहन किराये पर दिए हैं. लेकिन, स्वास्थ्य प्रबंधक के नहीं होने से विगत चार माह से वाहनों का भुगतान नहीं हो पाया था. विगत दो माह पहले नए स्वास्थ्य प्रबंधक आए. जिनके द्वारा बिल भुगतान किया जाना है
- चौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंची थी सिविल सर्जन.
- कई हफ्तों से खाली पड़ा है चिकित्सक ड्यूटी रोस्टर बोर्ड.
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: नवपदस्थापित सिविल सर्जन उषा किरण देवी गुरुवार को चौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण को पहुंची थी. इस दौरान उन्होंने बारी-बारी से कर्मियों से पूछताछ की. इसी बीच स्वास्थ्य केंद्र में किराए पर निजी वाहन दिए चौसा के नन्द कुमार मिश्रा पहुंच गए. जहां उन्होंने वाहन भुगतान में स्वास्थ्य प्रबंधक द्वारा नजराना मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत की. जिस पर शिकायतकर्ता को शीघ्र राशि का भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया.
नन्द कुमार मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल सुरक्षा योजना व बीपीएमयू के तहत स्वास्थ्य केंद्र में दो वाहन किराये पर दिए हैं. लेकिन, स्वास्थ्य प्रबंधक के नहीं होने से विगत चार माह से वाहनों का भुगतान नहीं हो पाया था. विगत दो माह पहले नए स्वास्थ्य प्रबंधक आए. जिनके द्वारा बिल भुगतान किया जाना है. जबकि, बिल भुगतान किए जाने के बाबत स्वास्थ्य प्रबंधक धनेश प्रसाद द्वारा प्रति माह भुगतान में पांच हजार रुपये की मांग की गई है. जिससे उनका माथा ठनक गया. गुरुवार को जब सिविल सर्जन चौसा पीएचसी पहुंची तो नन्द किशोर मिश्रा ने राशि भुगतान में नजराना मांगने की शिकायत कर दी. इधर, सिविल सर्जन उषा किरण से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि इस तरह की शिकायत उन्हें मिली है. मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी.
निरीक्षण को पहुंची सीएस को नहीं नजर आया चिकित्सकों का रोस्टर सूची बोर्ड:
सिविल सर्जन उषा किरण देवी चौसा पीएचसी का निरीक्षण करने पहुंची थी. जहां उन्होंने दवा केंद्र, चिकित्सक कक्ष, प्रसव कक्ष, मरीज कक्ष आदि का निरीक्षण किया. वहीं, चिकत्सक एवं कर्मियों की उपस्थिति का भी आकलन किया. हालांकि, हर समय सा़फ- सुथरा रहनेवाले पीएचसी के संबंध में वहां के स्वास्थ्य प्रबंधक ने सीएस से शिकायत की. लेकिन, उन्हें ऐसी कोई शिकायत नज़र नहीं आई. वह आशवस्त थीं. उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र पर लगे बोर्डो पर कोई ध्यान नहीं दिया. जबकि, पीएचसी के अंदर प्रवेश करने पर चिकित्सक, कर्मचारी, एएनएम की प्रतिदिन ड्यूटी का रोस्टर सूची बोर्ड सबको नजर आता है. लेकिन, निरीक्षण को पहुंची सीएस मैडम को रोस्टर सूची का बोर्ड नजर नहीं आया. बताया जा रहा है कि कई ह़फ्तों से रोस्टर बोर्ड खाली दिख रहा है. किनकी कब ड्यूटी है, या आज कौन से चिकित्सक और एएनएम ड्यूटी पर हैं. यह रोस्टर सूची बोर्ड पर लिखने का कार्य बंद पड़ा है.














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