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रंग लाने लगी डीजीपी की पहल, पुलिस-पब्लिक सहयोग से अपनों से मिली तीन किशोरियां ..

माना जा रहा है कि, पुलिस पब्लिक मैत्री के लिए डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के द्वारा लगातार की जा रही अपीलों एवं पुलिस सप्ताह जैसे आयोजन से कानून के मददगार लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है साथ ही साथ पुलिस भी और गतिशील हुई है.


- सोनवर्षा ओपी थाना क्षेत्र तथा रेलवे पुलिस बनी मददगार
- आम लोगों ने भी बढ़ाये मदद के हाथ.

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: जिले में पब्लिक-पुलिस मैत्री सप्ताह का असर दिखने लगा है. पब्लिक और पुलिस दोनों की मदद से दो दिनों में जिले में तीन किशोरियों को उनके परिजनों से मिलवाया गया. पहली घटना नावानगर प्रखंड के सोनवर्षा ओपी के अमरपुरी में घटी जहां सोमवार की देर शाम ट्रक चालक ने 10 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर लिया. घटना की सूचना पर सोनवर्षा पुलिस त्वरित कार्रवाई से किशोरी को तकरीबन 2 घंटे के बाद ही रोहतास के धनगाई से बरामद कर लिया गया. इस बाबत अज्ञात ट्रक चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.

मामले में पीड़ित किशोरी ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि अमरपुरी स्थित चाय दुकान से खाना खाने के बाद उसके पिता व दादा पास स्थित घर में आराम करने चले गए थे. इसी दौरान वह अपनी छोटी बहन के साथ दुकान की रखवाली कर रही थी तभी एक ट्रक दुकान पर आकर खड़ी हुई तथा चालक ने किशोरी से चाय मांगी. चाय पीने के बाद चालक ने पैसे देने के बहाने किशोरी को वाहन में खींच लिया और भाग निकला. शोर-शराबे की आवाज सुनकर किशोरी के पिता और दादा दुकान पर पहुंचे इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. सोनबरसा ओपी के थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पड़ोसी जिलों के थाने के साथ-साथ एसडीपीओ, पुलिस अधीक्षक को भी इस बात की सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन जांच शुरू कर दी. चारों तरफ वाहनों की सघन जांच होते देख ट्रक चालक ने रोहतास जिले के धनगाई के पास किशोरी को उतार दिया और भाग निकला. बाद में किशोरी को रोता-बिलखता देख राहगीरों ने उसे पुलिस के पास पहुंचाया जिसके बाद पुलिस ने उसे परिजनों से मिला दिया. 

दूसरी घटना बक्सर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त सामने आई जब नगर थाना क्षेत्र के निवासी दैनिक रेल यात्रियों की मदद से दो किशोरियों को उनके परिजनों से मिलाया गया. बताया जा रहा है कि, परिजनों से नाराज होकर पटना की रहने वाली दो किशोरियां एर्नाकुलम एक्सप्रेस में सवार हो गई थी. बक्सर के निवासी एक व्यक्ति ने जब ट्रेन में डरी-सहमी बच्चियों को देखा तो उनसे पूछताछ शुरू की. पूछताछ में उन्होंने घर से नाराज होकर भागने की बात बताई, जिसके बाद अन्य यात्रियों की मदद से उन्हें बक्सर रेलवे स्टेशन पर उतारा गया तथा आरपीएफ के हवाले किया गया. आरपीएफ की मदद से किशोरियों के परिजनों को सूचना दी गई जिसके बाद देर रात परिजन बक्सर पहुंचे तथा बच्चियों को सकुशल ले गए. 

माना जा रहा है कि, पुलिस पब्लिक मैत्री के लिए डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के द्वारा लगातार की जा रही अपीलों एवं पुलिस सप्ताह जैसे आयोजन से कानून के मददगार लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है साथ ही साथ पुलिस भी और गतिशील हुई है.












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