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Baxar Top News: बड़ी खबर: अस्पताल में हंगामा और मारपीट करने के आरोप में 29 के विरुद्ध दर्ज हुई प्राथमिकी..

सदर अस्पताल में घायल व्यक्ति की मौत  के बाद हुई मारपीट की घटना में  पुलिस ने 29 नामजद लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है. 


- 26.06.17 को गोली लगने से घायल हुआ था युवक, इलाज़ के दौरान हुई थी मौत. 
- मामले में अब जाकर दर्ज हुआ मामला.

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: सदर अस्पताल में घायल व्यक्ति की मौत  के बाद हुई मारपीट की घटना में  पुलिस ने 29 नामजद लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है. 

इस बाबत प्राप्त जानकारी के अनुसार  26 जून 2017 को स्थानीय सदर अस्पताल में पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बारे गांव के रहने वाले अमीउल्लाह खान(30 वर्ष), पिता- शहाबुद्दीन खान, नाम के एक व्यक्ति को भर्ती कराया गया था. उक्त व्यक्ति को बारे गाँव में कब्रिस्तान की घेराबंदी के विवाद में गोली लग गई थी. दुर्भागतवश इलाज के दौरान घायल की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश व्याप्त हो गया था. जिसके बाद उन्होंने अस्पताल में हंगामा किया था. उस समय घायल व्यक्ति की देखरेख डॉक्टर आर.के. गुप्ता कर रहे थे. परिजनों ने उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया था. हालांकि, उस समय नगर थानाध्यक्ष राघव दयाल ले सूझबूझ का परिचय देते हुए मामले को शांत करा दिया था. 

अब जा के मामले में एक नया मोड़ आ गया है.  मामले में मुहल्ला-कोट, थाना - गहमर, जिला-गाज़ीपुर के रहने वाले मोहम्मद कादिर खान पिता नासिर अहमद ने सूचना के अधिकार का प्रयोग, तथा उस समय के अखबारों तथा न्यूज़ पोर्टलों की खबरों का हवाला देते हुए अस्पताल प्रबंधन से जानकारी मांगी कि क्या उस दिन हंगामा नहीं हुआ था? चिकित्सक ने मामले को लगभग भुला दिया था क्योंकि, अस्पताल में इस तरह की घटनाएं आए दिन होती रहती हैं. हालांकि, उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए उन्होंने जानकारी सौंप दी. 

जानकारी मिलने के बाद सूचना मांगने वाले  व्यक्ति मो. कादिर ने यह भी बताया कि वह भी उस दिन अस्पताल में था, तभी मृतक अम्मीउल्लाह खान के परिजनों ने उसके साथ भी मारपीट की थी तथा पैसे भी छीन लिए थे. उसने इन जानकारियों के आधार पर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है.  मामले में बारे गांव के रहने वाले अलाउद्दीन खान समेत 29 नामजद लोगों के विरुद्ध नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. 

इस बाबत आरक्षी अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ कर दिया गया है तथा जो भी दोषी होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. 

हालांकि, किसी एक व्यक्ति द्वारा इतने दिनों बाद 29 लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज होना कहीं न कहीं यह भी सोचने को मजबूर कर रहा है कि कहीं यह कोई व्यक्तिगत दुश्मनी तो नहीं? बहरहाल, यह भी तय है कि पुलिस की जाँच में मामला साफ़ हो ही जायेगा.

 














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