Buxar Top News: लाइलाज बीमारी नहीं है टीबी बशर्ते हो दवाओं का नियमित सेवन- डॉ. दिलशाद ।
एक बार भी दवाओं के सेवन में अनियमितता आई तो फिर यह रोग जानलेवा साबित हो सकता है. उस वक्त इसका इलाज भी संभव नहीं है और अंततः मरीज घुट-घुटकर अपनी जान से हाथ धो बैठता है.
- टीबी से मुक्त भारत बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा अभियान.
- निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी किया गया आयोजन.
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: साबित खिदमत फाउंडेशन और सीबीसीआई कार्ड के द्वारा टीबी से मुक्त भारत बनाने के उद्देश्य को लेकर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया. इस दौरान सीबीसीआई के जिला संयोजक सुमंत कुमार के द्वारा टीबी कार्यकर्ताओं को बताया गया कि किस प्रकार वह टीबी के मरीजों को पहचानेंगे एवं उन्हें उचित मार्गदर्शन देते हुए दवाइयों के नियमित सेवन के लिए प्रेरित करेंगे. उन्होंने बताया कि दवाओं के नियमित सेवन से टीबी को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है. इस दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए साबित खिदमत फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य डॉक्टर दिलशाद आलम ने बताया कि टीबी के रोगियों को नियमित रूप से दवाओं का सेवन करना होता है. ऐसा करके वह इस रोग को जड़ से समाप्त कर सकते हैं. लेकिन अगर एक बार भी दवाओं के सेवन में अनियमितता आई तो फिर यह रोग जानलेवा साबित हो सकता है. उस वक्त इसका इलाज भी संभव नहीं है और अंततः मरीज घुट-घुटकर अपनी जान से हाथ धो बैठता है.
वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गाँव में फाउंडेशन के द्वारा एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया जिसमें तकरीबन 150 रोगियों का निशुल्क उपचार करते हुए उन्हें मुफ्त दवाओं का वितरण भी किया गया. कार्यक्रम में डॉक्टर डी सिंह तथा डॉक्टर दिलशाद आलम ने मरीजों की जांच की. वहीं इस अवसर पर पंचायत के मुखिया समेत हरेंद्र कुमार, प्रेम कुमार इत्यादि ग्रामीणों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.







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