Buxar Top News: पढ़ें: मुख्यमंत्री की समीक्षा यात्रा की पूरी रिपोर्ट, साथ ही जानें दुबारा नंदन क्यों पहुंचे आलाधिकारी, किन लोगों के विरुद्ध दर्ज होगी प्राथमिकी ..
हालात को बिगड़ता देख किसी तरह से सीएम की सुरक्षा में लगे जवानों ने मुख्यमंत्री को बचाते हुए सभा स्थल तक पहुंचाया. इसी बीच सीएम के काफिले में शामिल गाड़ियों पर ताबड़तोड़ पथराव के कारण वहां अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया.
- - मुख्यमंत्री से मिलने की थी आस, जबरदस्ती लोगों को नहीं आयी रास.
- - दिखाया गया काला झंडा तो बोले सीएम सबको है विरोध का हक़
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बक्सर स्थित नंदन गांव में जमकर
विरोध हुआ. बक्सर पहुंचे मुख्यमंत्री नंदन गांव में विकास योजनाओं का जायजा ले रहे
थे जिसके बाद उन्हें सभा को संबोधित करना था. गांव से जैसे ही सीएम नीतीश कुमार
अपने काफिले के साथ सभास्थल में जाने के लिए रवाना हुए तभी गांव वालों ने अचानक
उनके काफिले पर हमला बोल दिया.
थानाध्यक्ष का फटा सर, अपने विधायक को भी नहीं छोड़ा:
एक तरफ पत्थर से ताबड़तोड़ हमले से कई गाड़ियों के
शीशे टूट गए तो कई लोगों को गंभीर चोटें भी आई और पूरे गांव में अफरा-तफरी का
माहौल कायम हो गया. सीएम की सुरक्षा में तैनात एक जवान का भी सर फट गया जिससे वह
गंभीर रुप से जख्मी हो गया. वहीं डुमराँव थानाध्यक्ष सुबोध कुमार का सर फट गया तथा
ददन पहलवान को भी चोट लगी. हालात को बिगड़ता देख किसी तरह से सीएम की सुरक्षा में
लगे जवानों ने मुख्यमंत्री को बचाते हुए सभा स्थल तक पहुंचाया. इसी बीच सीएम के काफिले में शामिल
गाड़ियों पर ताबड़तोड़ पथराव के कारण वहां अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया.
ग्रामीणों का आरोप था कि बगल में ही दो बस्ती होने के कारण सिर्फ एक बस्ती में ही
नीतीश कुमार ने किया निरीक्षण किया. ग्रामीणों की मांग थी कि वह उनकी बस्ती में भी
जाएं. ग्रामीणों का कहना है कि जिस बस्ती में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आना था. उसी बस्ती का आनन-फानन में कायाकल्प किया गया जबकि बगल की दलित बस्ती में अभी
सुविधाओं का अभाव है और सात निश्चय के तहत आने वाली योजनाओं के नाम पर केवल लोगों
के साथ छलावा हुआ है.
मिलने से रोका तो शुरू हुआ विरोध:
इस मसले को लेकर वे मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे.
मुख्यमंत्री से मिलने की आस में लोगों ने मुख्यमंत्री के वाहन को रोक दिया लेकिन
इससे पहले वो कुछ समझ पाते मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगे बक्सर पुलिस के जवानों
ने लोगों को पीटना शुरु कर दिया. किया फिर क्या था लोगों का गुस्सा भड़क गया और
देखते ही देखते लोगों ने पथराव शुरु कर दिया जिससे मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो
गई.
मुख्यमंत्री ने की विकास कार्यों की समीक्षा, लगा
पीपल का पेड़, 270 करोड़ की 164 विकास योजनाओं का किया शिलान्यास:
इसके पूर्व मुख्यमंत्री सात निश्चय की योजनाओं की समीक्षा करने नंदन गाँव में
पहुंचे जहाँ उन्होंने नाली गली, समेत स्वच्छता की वास्तविक तस्वीर का मुआयना किया.
इसके साथ ही उन्होंने गाँव में पीपल के वृक्ष का भी रोपण किया. वहीँ ग्रामीण
स्कूली बच्चों ने मानव श्रृंखला बना कर भी मुख्यमंत्री के सात निश्चय में अपनी
सहभागिता का संकल्प दोहराया. मुख्यमंत्री ने दलित ग्रामीण के घर जाकर भी विकास
योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की.
दिखाया गया काला झंडा तो बोले सीएम सबको है विरोध का हक़:
हालांकि बाद में मंच से जनसभा को संबोधित करते समय मुख्यमंत्री को
खरवार जाति के लोगों ने आरक्षण की मांग को लेकर काला झंडा दिखाया जिस पर बोलते हुए
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि काला झंडा दिखाने वालों से मुझे कोई फर्क नहीं
पड़ता बल्कि काला रंग मुझे बेहद पसंद है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने
का हक सभी को है ऐसे में लोग अपनी बातें रखते हैं तो उसमें कोई परेशानी नहीं है
उन्होंने कहा कि आखिर क्या कारण था जिसके कारण ग्रामीणों ने इस तरह का रुख
अख्तियार किया इस मामले की जांच कराएंगे. मुख्यमंत्री ने इशारों-इशारों में विरोधियों
पर निशाना साधते हुए यह भी कह दिया कि जिन लोगों को विकास पसंद नहीं है वही सीधे
साधे लोगों को भड़काने का काम करते हैं.इस दौरान मुख्यमंत्री ने 270 करोड़ की 164 विकास योजनाओं का
उद्घाटन किया. उनके साथ मंच पर डुमरांव विधायक ददन पहलवान, कृषि मंत्री प्रेम
कुमार समेत कई राजग नेता मौजूद थे.
मुख्यमंत्री को छोड़ नंदन पहुंचे प्रशासनिक आलाधिकारी, घटना के कारणों का लगा रहे हैं पता, दर्ज कराई जाएगी प्राथमिकी, गाँव में दहशत:
नंदन गाँव से निकल कर मुख्यमंत्री कैमूर में
अपने कार्यक्रम के लिए निकल गए. वहीँ मुख्यमंत्री के जाने के बाद डीएम-एसपी समेत
जिले के सभी आलाधिकारी नंदन गाँव के लिए रवाना हो गए हैं, बताया जा रहा है कि वे
वहाँ पहुँच कर हिंसक विरोध के कारणों का पता लगाने तथा इस हिंसक हमले में शामिल
लोगों का पता लगाने की कोशिश करेंगे. वहीँ मामले को लेकर कई नामजद एवं अज्ञात
लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की तैयारी जिला प्रशाशन द्वारा की जा
रही है. वहीँ आज की घटना के बाद गाँव में दहशत का माहौल कायम हो गया है.
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