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जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम का हुआ उद्घाटन, तीन साल में होगी तस्वीर बदलने की कोशिश ..

इस योजना का शुभारंभ करने के साथ ही प्रखंड व पंचायत में वेब कास्टिंग की गई. इसके अलावा कई टीवी चैनलों ने भी कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने जल जीवन हरियाली अभियान के महत्व को समझाया.


- बक्सर में परिवहन मंत्री के हाथों हुआ शुभ उद्घाटन.
- तीन साल के अंदर होंगे पर्यावरण सुरक्षा के अनेक कार्य.

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: जल -जीवन-हरियाली मिशन शनिवार से आरंभ हो गया. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की. ग्रामीण विकास विभाग को इस योजना का नोडल विभाग बनाया गया है. कार्यक्रम का आयोजन पटना के ज्ञान भवन तथा बक्सर के नगर भवन में किया गया था. योजना का शुभारंभ सीएम की ओर से करने के साथ ही सभी जिलों, प्रखंडों व पंचायत स्तर पर कम से एक योजना की शुरुआत की गयी. सबसे बड़ी बात है कि, पंचायत तक कार्यक्रम के उद्घाटन के लिए उस पंचायत के सबसे बुजुर्ग पुरुष व महिला को होना आवश्यक रखा गया था. बक्सर में नगर भवन में आयोजित कार्यक्रम में राजपुर विधायक तथा सूबे के परिवहन मंत्री संतोष निराला, सदर विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, जिलाधिकारी राघवेंद्र सिंह, आरक्षी अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा तथा उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया. जल जीवन हरियाली कार्यक्रम के अंतर्गत बक्सर जिला के लिए कुल 79 लाख 61 हजार 761 रुपए की 142 योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया गया.

दो घंटे का हुआ लाइव कार्यक्रम :

इस योजना का शुभारंभ करने के साथ ही प्रखंड व पंचायत में वेब कास्टिंग की गई. इसके अलावा कई टीवी चैनलों ने भी कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने जल जीवन हरियाली अभियान के महत्व को समझाया.

12 विभाग तीन वर्षों में पूरी करेंगे योजना : 

जल-जीवन-हरियाली मिशन में नौ क्षेत्रों में काम होंगे. सरकार के 12 विभागों को तीन साल में योजना पूरा करना होगा. राज्य भर में तीन साल के दौरान नौ क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने को 24 हजार 524 करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव तैयार  किया गया है. इसमें 2019-20 में पांच हजार 870 करोड़, 2020-21 में नौ हजार 874 और वर्ष 2021-22 में आठ हजार 780 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान किया गया है.   

इन कार्यों को तीन  वर्षों में करायेंगे ये विभाग: 

तालाब, आहर, पइन, पोखर का जीर्णोद्धार ग्रामीण विकास विभाग, लघु जल संसाधन विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग को कराना है.  

सार्वजनिक कुआें का जीर्णोद्धार, नदियां फिर से होंगी जीवित : 

नगर विकास विभाग और पीएचइडी कुआं, चापाकल को फिर से जीवित करेंगे. नलकूप के किनारे सोख्ता या जल रिचार्ज का निर्माण कार्य  ग्रामीण विकास विभाग लघु जल संसाधन विभाग और नगर विकास विभाग करायेंगे. छोटी नदियों, नालों के अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में जल संग्रह के लिए चेकडैम एवं अन्य संरचनाओं का निर्माण, नये जलस्रोत का सृजन,  रेन वॉटर हर्वेस्टिंग, पौधारोपण, वैकल्पिक फसल, ड्रिप सिंचाई, जैविक खेती,  बागवानी, वानिकी विकास, जैविक खेती, ड्रिप सिंचाई से पटवन आदि का कार्य कराया जाएगा.

सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहन:

सरकारी भवनों पर तीन साल के दौरान 60 मेगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य सरकार द्वारा रखा गया है इसी तरह निजी भवनों से तीन साल के दौरान  60 मेगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य सूबे की सरकार ने बनाया है.














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