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लॉक डाउन: साबित खिदमत फॉउंडेशन ने 50 परिवारों को लिया गोद ..

सचिव साबित रोहतासवी ने अपनी ग़ज़ल "जो अपनी फिक्र में गुजरे वो जिंदगी क्या है .. किसी के काम ना आए तो वह आदमी क्या है .." गुनगुनाते हुए कहा कि, अल्लाह अगर मददगार है तो कोई भी विपत्ति देश का कुछ नहीं बिगाड़ सकती.

- लॉक डाउन में पहुंचाया जाएगा सभी घरो में राशन
- लॉक डाउन में घरों में पहुंचाया जाएगा राशन.

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: वैश्विक स्तर पर पांव जमा चुके कोरोना वायरस से पूरा विश्व तबाह है. देश में लॉक डाउन घोषित कर दिया गया है. ऐसे में गरीबों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उनके समक्ष दो वक्त के भोजन का सवाल खड़ा हो गया है.

इस परिस्थिति में गरीबों एवं जरूरतमंदों के लिए  अपनी वचनबद्धता निभाते हुए साबित खिदमत फाउंडेशन  के द्वारा 50 गरीब परिवारों को गोद लिया गया जिन्हें लॉक डाउन की अवधि में फाउंडेशन के तरफ से राशन उपलब्ध कराया जाएगा. जरूरतमंदों के लिए देवदूत बनकर पहुंचे खिदमत फाउंडेशन के सचिव साबित रोहतासवी ने अपनी ग़ज़ल "जो अपनी फिक्र में गुजरे वो जिंदगी क्या है .. किसी के काम ना आए तो वह आदमी क्या है .." गुनगुनाते हुए कहा कि, अल्लाह अगर मददगार है तो कोई भी विपत्ति देश का कुछ नहीं बिगाड़ सकती.

वही, साबित खिदमत फाउंडेशन के निदेशक डॉ.  दिलशाद आलम ने कहा कि, विकट परिस्थिति में पचास जरूरतमंद लोगों को संस्था के द्वारा चिन्हित किया गया है. उन्हें जब तक लॉक डाउन जारी है. साबित खिदमत फाउंडेशन एंड हॉस्पिटल के द्वारा खाने-पीने की कच्ची सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि, साबित खिदमत फाउंडेशन एंड हॉस्पिटल जरूरतमंदों के लिए हमेशा ही एक कदम बढ़कर सहारा बनने का काम किया है. आज जब देख विकट परिस्थिति में फंसा हुआ है ऐसे में फाउंडेशन अपने कर्तव्य के पथ पर अग्रसर रहेगा.

- इन्द्रकांत तिवारी.













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