Buxar Top News: आत्मा की गवर्निग बाडी की हुई बैठक, 1.82 करोड़ की राशि से होगा किसानों का कल्याण ..
आत्मा की गवर्निग बाडी की हुई बैठक, 1.82 करोड़ की राशि से होगा किसानों का कल्याण ..
आत्मा की गवर्निग बाडी की बैठक जिला पदाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न की गई.
- किसान मेला, किसान पाठशाला, प्रशिक्षण कार्यक्रम, परिभ्रमण, कृषक हितार्थ समूह, कृषक वैज्ञानिक वार्तालाप, कृषि साहित्य का प्रकाशन पर तत्पर रहेगा प्रशासन.
- उर्वरक विक्रेताओं को अनिवार्य रूप से करना होगा डिप्लोमा कोर्स.
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: शनिवार को आत्मा की गवर्निग बाडी की बैठक जिला पदाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न की गई. नेशनल मिशन आॅफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन एण्ड टेक्नोलाॅजी अंतर्गत सब मिशन आॅन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन योजना के अधीन वित्तीय वर्ष 2017-18 के एक्सटेंशन वर्क प्लान के कुल राशि 1.82 करोड़ का व्यय करने का अनुमोदन बैठक में किया गया. यह राशि किसान मेला, किसान पाठशाला, प्रशिक्षण कार्यक्रम, परिभ्रमण, कृषक हितार्थ समूह, कृषक वैज्ञानिक वात्र्तालाप, कृषि साहित्य का प्रकाशन इत्यादि कार्य पर व्यय किया जाना है. पूर्व की तरह इस वितीय वर्ष में भी सिंचाई विभाग तथा पर्यावरण एवं वन विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारी को आत्माभाषी पार्षद के सदस्य के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया गया. प्रत्येक प्रखण्ड में दो अनुसेवक-सह-चौकीदार के तहत कुल 24 का संविदा पर नियोजन के संबंध में विभाग के निदेशक के अनुरूप करने का प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया. विगत वर्ष के कार्यरत संविदा कर्मियों यथा बी.टी.एम, ए.टी.एम. लेखाकार, आशुलिपिक आदि कुल 23 कर्मियों के अवधि विस्तार के साथ अप्रैल 2017 से संशोधित मानदेय भुगतान का भी निर्णय लिया गया. उक्त बैठक में अरविंद कुमार डीडीसी, देवनन्दन राम, परियोजना निदेशक, आत्मा एवं जिला कृषि पदाधिकारी रणवीर कुमार सिंह के साथ अन्य लोगों ने भाग लिया.
वही दूसरी ओर उर्वरक निगरानी समिति की बैठक जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा की अध्यक्षता में की गई. बैठक में गत बैठक की कार्यवाही एवं अनुपालन की समीक्षा की गई तथा वर्तमान वर्ष में आच्छादित क्षेत्र के आधार पर उर्वरक की आवश्यकता पर चर्चा की गई. रबी फसल गेहूं, मक्का एवं जौ के आच्छादन का लक्ष्य 85 हजार हेक्टेयर, चना, मसूर, मटर दलहन का आच्छान का लक्ष्य 34.3 हजार तथा राई, सरसो, तीसी, सूर्यमुखी, तिल के आच्छादन कर लक्ष्य 3160 हेक्टेयर है। इसके लिए 2427.88 मे. टन डीएपी, 945.10 मे. टन यूरिया, 1505.30 मे. टन एनपीके आदि उर्वरक खरीफ फसल के बाद शेष बचे हुए है। आवश्यकता पड़ने पर और उपलब्ध हो जायेगा। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को व्यवसाय करने के लिए न्यूनतम कृषि या रसायन में स्नातक की योग्यता या आत्मा द्वारा मैनेज से संचालित एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम अनिवार्य कर दिया गया है. पर जब तक ये नहीं उपलब्ध हो पाते है, तब तक पूर्व विक्रेताओं का ही अनुज्ञप्ति नवीनीकरण कर कार्य लिया जाना है. बैठक में अरविंद कुमार, उपविकास आयुक्त के साथ सभी सदस्य उपस्थित रहे.






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