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बिजली विभाग का नया कारनामा, चोरी किसी और की, प्राथमिकी किसी और पर ..

अब जब युवक नौकरी के लिए आचरण प्रमाण पत्र बनाने जा रहा है तो उक्त मामले का हवाला देकर उसे वापस लौटा दिया जा रहा है. वहीं अब बिजली विभाग के कनीय अभियंता तथा पुलिस के अधिकारी भी इस मामले में युवक की कोई मदद करने से इनकार कर रहे हैं

- बिजली विभाग द्वारा गलत प्राथमिकी दर्ज कराए जाने से युवक के भविष्य पर संकट 

- इटाढ़ी प्रखंड के चिलहर गाँव का है मामला.


बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: बिजली विभाग के कारनामों को फेहरिस्त का लंबी है. कभी बिना इस्तेमाल के लाखों का बिजली बिल तो कभी कुछ और. ताज़ा मामला इन सबसे अलग है. लेकिन इस मामले ने एक नवयुवक के भविष्य को दाव पर लगा दिया है. मामला इटाढ़ी थाना क्षेत्र के चिलहर गाँव का है जहाँ खेतों में पटवन के लिए विद्युत चोरी का आरोप लगा कर कनीय अभियंता ने एक ऐसे युवक के विरुद्ध मामला दर्ज करा दिया है जिसका संबंधित जगह पर खेत ही नहीं है. अब जब युवक नौकरी के लिए आचरण प्रमाण पत्र बनाने जा रहा है तो उक्त मामले का हवाला देकर उसे वापस लौटा दिया जा रहा है. वहीं अब बिजली विभाग के कनीय अभियंता तथा पुलिस के अधिकारी भी इस मामले में युवक की कोई मदद करने से इनकार कर रहे हैं. ऐसे में उक्त युवक के समक्ष बड़ा संकट खड़ा हुआ है.

दरअसल मामला पिछले 2 फरवरी का है, जब बिजली विभाग के कनीय अभियंता रोहित कुमार के द्वारा इटाढ़ी प्रखंड के चिलहर गांव में छापेमारी की गई. छापेमारी के दौरान उन्होंने यह पाया की खेतों के पटवन के लिए बिजली का अवैध कनेक्शन लेकर लेकर मोटर चलाया जा रहा है. जिसके बाद उन्होंने स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर खेतों के मालिक के तौर पर चंदन कुमार सिंह पिता राजेंद्र सिंह के विरुद्ध थाने में कांड संख्या 37/19 के माध्यम से 15 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करा दी. बाद में जब उक्त युवक को इस बात की जानकारी हुई तब उसने कनीय अभियंता से मिलकर यह बताया कि जिस खेत का हवाला दिया जा रहा है वह खेत उसका नहीं है तथा उसका खेत उस स्थान से बहुत दूर है. ऐसे में प्राथमिकी पूरी तरह से तथ्यहीन है. बाद में मामले को लेकर कनीय अभियंता ने थाने में आवेदन देकर इस बात को स्वीकार किया कि भूल वश उनके द्वारा यह कृत्य हो गया था.

इन सब घटनाक्रमों के कुछ समय पश्चात युवक चंदन कुमार सिंह ने सरकारी नौकरी के आवेदन के लिए आचरण प्रमाण पत्र बनाने हेतु आवेदन दिया तो उसका आवेदन थाने में लंबित कांड के आधार पर निरस्त कर दिया गया. ऐसे में युवक भागा-भागा पुनः कनीय अभियंता रोहित कुमार के पास पहुंचा, लेकिन उन्होंने किसी प्रकार की मदद करने से इंकार कर दिया. वहीं थाने में भी संपर्क करने पर उसे कोई मदद नहीं मिली. थक हार कर उसने मीडिया को अपना दुखड़ा सुनाया.


मामले में कनीय अभियंता से बात करने पर उन्होंने बताया कि मामले को लेकर थाने में लिखित रूप से आवेदन दे दिया गया है. ऐसे में अब पुलिस जो चाहे वह कर सकती है वहीं इटाढ़ी थानाध्यक्ष संजय कुमार के मुताबिक अभियंता को एक आवेदन न्यायालय में भी देना होगा, जिसके बाद ही कुछ किया जा सकता है. कनीय अभियंता की लापरवाही के सन्दर्भ में जब बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला बेहद संगीन है तथा इसकी जांच कराते हुए दोषी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.














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