दलालों का अड्डा बन गया है सिविल सर्जन कार्यालय- डाटा एंट्री ऑपरेटर संघर्ष समिति.
उन्होंने कहा कि स्थानीय सिविल सर्जन कार्यालय और स्वास्थ्य समिति दलालों का अड्डा बन गया है. ऐसे में ऑपरेटरों के 8 से 15 माह तक के वेतन का भुगतान रोक कर रखा गया है
- लंबित मानदेय समेत 3 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर गए डाटा एंट्री
- कहा, मांगे पूरी नहीं होने तक चलती रहेगी हड़ताल.
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा संचालित आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटर संघर्ष समिति के बैनर तले स्वास्थ्य विभाग के डाटा एंट्री ऑपरेटर विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. हड़ताल की अध्यक्षता कर रहे बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के राज्य अध्यक्ष अरुण कुमार ओझा ने कहा कि सरकार डाटा ऑपरेटरों के श्रम का शोषण कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार जब तक डाटा एंट्री आपरेटरों की मांगों को नहीं मान लेती तब तक हड़ताल जारी रहेगी.
तीन प्रमुख मांगों के रूप में उन्होंने बताया कि आउटसोर्सिंग डाटा ऑपरेटरों के बकाया वेतन का भुगतान अविलंब किया जाए. पूर्व से कार्यरत आउटसोर्स डाटा ऑपरेटर को बिना शर्त राज्य स्वास्थ्य समिति या जिला स्वास्थ्य समिति से समायोजित किया जाए. साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के फैसले तथा संविधान में प्रतिपादित नियमों के अनुरूप समान कार्य के बदले समान वेतन के सिद्धांत के अनुरूप डाटा ऑपरेटर को आशुलिपिक का देय वेतनमान एवं सुविधा प्रदान की जाए.
इस दौरान जिला मंत्री आनंद कुमार सिंह ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए ऑपरेटरों का जोश बढ़ाया. उन्होंने कहा कि स्थानीय सिविल सर्जन कार्यालय और स्वास्थ्य समिति दलालों का अड्डा बन गया है. ऐसे में ऑपरेटरों के 8 से 15 माह तक के वेतन का भुगतान रोक कर रखा गया है. उन्होंने सिविल सर्जन से तत्काल सभी लंबित मानदेय भुगतान करने की मांग की है. इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने मांगे पूरी होने तक संघर्ष को निरंतर जारी रखने की बात कही. मौके पर अर्जुन सिंह, वीरेंद्र कुमार, ओंकार पांडेय, नीतू कुमारी, रिंकू कुमारी, धर्मेंद्र कुमार पाठक, जितेंद्र कुमार, महाचंद्र सिंह, गोपाल कुमार, प्रवीण कुमार, प्रगति पांडेय, नितिन राय शंकर गुप्ता, सुशील कुमार, राजीव मिश्रा समेत स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी डाटा एंट्री ऑपरेटर मौजूद रहे.












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