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महज 300 रुपये के खर्च में दिलवाले की होगी दुल्हनिया ..

आवेदन जमा करने के बाद कार्यालय द्वारा उसे नोटिस बोर्ड  में लगाकर 30 दिनों तक आपत्ति ली जाती है. 30 दिन बाद तथा 90 दिनों के अंदर कोई आपत्ति प्राप्त नहीं होने पर निबंधन पदाधिकारी के समक्ष के उनकी शादी कर दी जाती है.

- दहेज मुक्त शादी के लिए हो सकता है बेहतर विकल्प
- एक साल में 250 से ज्यादा लोगों की पसंद बना निबंधित विवाह

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: सूबे के मुखिया नीतीश कुमार जहां दहेज तथा बाल विवाह मुक्त बिहार का सपना देख रहे हैं वहीं, शादी में होने वाले अनावश्यक खर्च के कारण उनका सपना पूरा होता नहीं दिखाई दे रहा है.  हालांकि, जन जागरूकता के कारण दहेज तथा बाल विवाह से लोगों का मोहभंग तो हो ही रहा है,. ऐसे बहुतेरे मामले सामने आते हैं जहां शादी विवाह में होने वाले खर्चों को लेकर लोग तनाव में रहते हैं. ऐसे में निबंधन कार्यालय में निबंधित विवाह करा कर लोग अनावश्यक खर्चों से निजात पा सकते हैं. इस तरह के विवाह को जहां कानूनी मान्यता प्राप्त होगी वहीं शादी विवाह में होने वाले अनावश्यक खर्चे से निजात मिल सकती है.

300 रुपये में हो जाती है विवाह की प्रक्रियाएं पूरी:

हिन्दू विवाह अधिनियम 1954 के तहत निबंधित विवाह का प्रावधान है, जो जिला निबंधन पदाधिकारी के समक्ष किया जाता है. इसके लिए निबंधन कार्यालय में उम्र,पते का प्रमाण तथा लड़का-लड़की को संयुक्त फ़ोटो के साथ विवाह के लिए आवेदन  करना होता है. इस दौरान तीन गवाहों की भी आवश्यकता होती है. पहली बार में 100 रुपये का शुल्क देय होता है. आवेदन जमा करने के बाद कार्यालय द्वारा उसे नोटिस बोर्ड  में लगाकर 30 दिनों तक आपत्ति ली जाती है. 30 दिन बाद तथा 90 दिनों के अंदर कोई आपत्ति प्राप्त नहीं होने पर निबंधन पदाधिकारी के समक्ष के उनकी शादी कर दी जाती है. उस समय उन्हें पुनः 200 रुपये का शुल्क देना पड़ता है.


कानूनी मान्यता के लिए भी विवाह का निबंधन है जरूरी:

विवाह की सही उम्र लड़के के लिए 18 और लडके के लिए 21 वर्ष निर्धारित है. वहीं, जिनकी शादियां परिवार के सदस्यों के साथ सामाजिक  रूप से या किसी मंदिर में की जाती है, उनके लिए भी निबंधन कराने  का प्रावधान बनाया गया है. वह अपनी शादी का निबंधन करा का कानूनी रूप  से अपनी शादी को वैध बना सकते हैं. लेकिन, उनके लिए  पति-पत्नी दोनों की उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए. विदेश यात्राओं के लिए पासपोर्ट बनाने अथवा  नौकरियों में विवाह का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए निबंधित विवाह की आवश्यकता होती है. यहां एक बात और उल्लेखनीय है कि नोटरी पब्लिक के समक्ष एफिडेविट करा कर शादी की मान्यता नहीं दी जा सकती. ऐसे में कोर्ट मैरिज करने वालों को निबंधन कार्यालय से ही अपनी शादी का निबंधन कराना होता है.

हर वर्ष होती है सैकड़ों शादियां, पंचायत प्रतिनिधियों के समक्ष भी पूरी हो सकती है प्रक्रिया:

विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार हाल के वर्षों में  निबंधित शादियों के आवेदनों की संख्या में इजाफा हुआ है. वर्ष 2019 में विवाह निबंधन के लिए 250 लोगों ने अपने विवाह को निबंधित कराया वहीं, 29 नए आवेदन आए. वहीं, वर्ष 2020 की शुरुआत के दो महीनों में ही 47 पुराने तथा 8 नए निबंधन के मामले आए हैं. बताया जाता है कि, हर वर्ष निबंधित विवाह के लिए तकरीबन दो सौ से से ढाई सौ आवेदन प्राप्त होते हैं. हालांकि, अभी भी अधिकतर वह लोग ही विवाह के निबंधन के लिए आते हैं, जिन्हें सरकारी कार्यालयों में विवाह का प्रमाण पत्र जमा करना होता है. बताया जा रहा है कि विवाह अधिनियम 2006 में हुए संशोधन के बाद अब पंचायत प्रतिनिधियों के समक्ष प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए भी विवाह का निबंधन कराया जा सकता है.


निबंधित विवाह के लिए निबंधन कार्यालय में मामूली प्रक्रियाओं को पूरी करने के बाद विवाह का निबंधन करते हुए इसे कानूनी मान्यता प्रदान कर दी जाती है.

डॉ. यशपाल
अवर निबंधन पदाधिकारी












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